क़ातिल

तुम्हारी उन क़ातिलाना नजरों को ज़रा सम्हाल के रखों!
तुम्हारी उन क़ातिलाना नजरों को ज़रा सम्हाल के रखों!
कहीं मुझे क़ोत्ल कि जुर्म में
तुम गिरफ्तार न हो जाओ!!

शायर

शायर बने है तुम्हारे लिए, यह शायरी तुम्हारी है!
शायर बने है तुम्हारे लिए, यह शायरी तुम्हारी है!
एक बार उन होंठों से वाह-वाह कर दो!
तो यह शायर तुम्हारी ग़ुलाम बन जाए!!

नशा

तुम क्या जानो यह नशा क्या होती है!
तुम क्या जानो यह नशा क्या होती है!
एक बार प्यार से मेरी होठों को चूमो!
तो देखो यह नशे में भी क्या नशा है!!

भिखारी

तुम्हारी उन नजरों ने मुझे दीवाना बना दिया,
तुम्हारी उन नजरों ने मुझे दीवाना बना दिया,
में तो दिल कि बादशाह था!
तुम ने भिखारी बना दिया!!

जन्नत

मुझे मालूम हैं तुम्हारी होंठों पे नशा है!
मुझे मालूम हैं तुम्हारी होंठों पे नशा है!
पर मेरी होंठों पे क्या है वोह तुम क्या जानो!
एक बार चूम लो तोह इएह जन्नत तुम्हारी है!!